आपके हाथ मैं है हमेशा खुश रहना
लोग उतने ही खुश रहते है जितने खुश रहने का विकल्प वे चुनते है
एक टेलीविजन कार्यक्रम मैं अतिथि के रूप मैं एक बुजुर्ग आदमी आया । वह बहुत दुलर्भ आदमी था जिसने अपनी सारी बाते बगैर किसी रिह्सल के की । उसका सुभई और प्रफुलित जब । उसकी बाते उठते से सहज रूप से बाहर निकल रही थी । जब भी वह कुछ कहता था तो यह इतना सहज और सटिक होता था कि कार्यक्रम देखने वाले हंसी के मारे दोहरी हो जाते । इसलिये हमेशा सहज रूप से रहना चाहिए ।
सुबह जब utht
सुबह जब utht
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